देवास। मध्यप्रदेश के मालवा अंचल की धार्मिक पहचान बनी माता टेकरी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। शहर के मध्य स्थित इस पवित्र पहाड़ी पर मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी के प्राचीन मंदिर विराजमान हैं। मान्यता है कि माता के दर्शन से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, इसलिए वर्षभर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

नवरात्रि के दौरान माता टेकरी का दिव्य स्वरूप देखने योग्य होता है। देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के साथ-साथ रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सुविधा मिलती है।
देवास शहर का नाम भी इसी पवित्र देव वाशिनी (माता टेकरी) से जुड़ा माना जाता है। धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह स्थल शहर की पहचान बन चुका है और पर्यटन का भी प्रमुख आकर्षण है।
Sutranamcheen.com के शुभारंभ के अवसर पर हमारी पहली प्रस्तुति देवास की इसी पावन धरा और माता टेकरी को समर्पित है। मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे तथा सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता का यह संकल्प निरंतर आगे बढ़ता रहे।
जय माता दी। 🙏










