हमारा प्रिय सिंधी समाज सर्वदा अत्यंत परिश्रमशील, दानशूर, धर्मनिष्ठ है। आप सभी के ऊपर प्रभु श्रीराम की कृपा बरसती रहे। हम आपके साथ मिलकर अखण्ड श्रीराम सेवा में लगे रहे।
श्री स्वामी गोविंद देव गिरी, कोषाध्यक्ष, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा विश्व सिंधी सेवा संगम के चेयरमैन श्री मनवानी जी को दान की गई चांदी सुरक्षित होने का पत्र भेजा गया।

प्रस्तुत है सूत्र नामचीन की खास खबर
देवास। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष श्री स्वामी गोविंद देव गिरी ने विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन श्री राजू मनवानी जी को पत्र लिखकर कहा है कि 200 किलो दान में दी गई चांदी की ईंटों को भारत सरकार की संस्था सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की हैदराबाद शाखा को अगस्त 2024 में भेजा गया था, जिसमें सभी 200 चांदी की ईंटों को गलाकर 20-20 किलोग्राम की धातु की ईंटों में ढाल दिया गया। वर्तमान में यह सभी ईंटें सुरक्षित हैं तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित रखी गई हैं, जिनका उपयोग भविष्य में ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।

श्री स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने पत्र में दान अर्पण करने वाले दानदाताओं के नाम भी मांगे हैं, ताकि दान की गई चांदी की रसीद उन्हें दी जा सके। साथ ही सिंधी समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिंधी समाज सर्वदा अत्यंत परिश्रमशील, दानशूर तथा धर्मनिष्ठ है। भगवान श्रीराम की सेवा में सर्वाधिक सहयोग सर्वदा प्राप्त रहा है। आप सभी पर प्रभु श्रीराम जी की कृपा बरसती रहे।
गौरतलब है कि विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन श्री राजू मनवानी जी ने राम मंदिर में दान राशि चोरी होने के बाद तरह-तरह के उठ रहे सवालों के बीच दान दी गई चांदी की ईंटों की जानकारी मांगी थी और 26 जून 2026 को पत्र लिखकर राम मंदिर ट्रस्ट को ई-मेल भेजा तथा 200 किलो दान की गई चांदी की ईंटों का विवरण मांगा था। श्री मनवानी के पत्र का जवाब 1 जुलाई 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष श्री स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने दिया।
जिसके बाद मामले को तोड़-मरोड़ कर विपक्षी दल के नेता और कुछ स्वयंभू नेता भ्रम फैलाने का काम कर रहे थे। लेकिन राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से आए पत्र के बाद उनके होश हवा-हवाई हो गए। समाज के कुछ लोग श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा जारी किए गए विवरण पत्र के अर्थ को बदलकर प्रस्तुत कर रहे थे और कुछ तो अनर्गल भाषा का उपयोग कर समूहों में भ्रम फैलाने लगे तथा स्वयं को देश के सिंधी समाज का सर्वोच्च नेता समझने लगे।
इनकी आड़ में कुछ विपक्षी दल और नेता भी राम मंदिर में दान चोरी मामले के साथ दान में दी गई चांदी की ईंटों का मुद्दा उछालने लगे थे।
विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन श्री राजू मनवानी जी को ऐसे दोषी करार दे रहे थे, जैसे उन्होंने टीवी चैनल पर दान की गई चांदी की ईंटों का विवरण पूछकर कोई बड़ा घोर अपराध किया हो।

सूत्र नामचीन ने पत्रकारिता का धर्म निभाया और देश के सिंधी समाज के हर रामभक्त तक सच्चाई के साथ खबर पहुंचाई है।
लेकिन कहते हैं, भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं है।
दान चोरी मामले के सभी आरोपी जेल गए और अभी सरकार तथा एसआईटी की जांच जारी है। साथ ही पांच साल बाद सिंधी समाज के दानदाताओं को सम्मानपूर्वक दान की गई चांदी का जवाब मिला। रसीद दी जाएगी। इसी के साथ सिंधी समाज एवं दानदाताओं को सर्वाधिक सहयोग करने पर शुभकामनाएं दी गईं।











